चंबल मैराथन का पोस्टर हुआ रिलीज


-मध्य प्रदेश पर्यटन का उत्तरी दरवाजा बनेगा अटेर
-होगी दिलचस्प रोमांचकारी मैराथन

भिंड: अटेर स्थित चंबल के बीहड़ों में 16 जनवरी को होने वाली ऐतिहासिक मैराथन दौड़ अदभुत होगी। यह दौड़ प्रतियोगिता पूरी तरह से साहसिक और रोमांच चाहने वालों के लिए वरदान की तरह से होगी। चंबल मैराथन के दूसरे संस्करण के पोस्टर को रिलीज किया भिंड अपर कलेक्टर प्रवीण फुलपगारे तथा चंबल परिवार के पदाधिकारी शाह आलम, इटावा से आए रुदाक्ष मैन डॉ. रिपुदमन सिंह इस कार्यक्रम के संयोजक खेल प्रशिक्षक तथा प्रेरक राधेगोपाल यादव की उपस्थिति में हुआ। इस दौड़ में चंबल अंचल से जुड़े राज्य के एथलीट भाग लेंगे। इसमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के प्रमुख रूप से वह जिले शामिल होंगे जहां से होकर चंबल नदी गुजरती है।

इस दौड़ का मूल उद्देश्य चंबल नेचुरल टूरिज्म को बढ़ावा देना, स्प्रिट चंबल तथा रन फॉर बेटर चंबल का उद्देश्य लेकर होगा। स्थानीय लोगों के साथ मिलकर चंबल परिवार चंबल की विशेषताओं को पूरे विश्व पटल पर ले जाएगा जिससे यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होंगे और चंबल की खूबसूरती को देखने के लिए मध्यप्रदेश और भारत में ही नहीं पूरे विश्व स्तर पर नेचुरल टूरिज्म और ग्रामीण टूरिज्म को पसंद करने वाले टूरिस्ट चंबल की खूबसूरत वादियों की ओर आकर्षित होंगे। चंबल पर बन रहे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले पुल से आगरा से सीधे पर्यटक अटेर तक आएंगे जो यहां से होते हुए भिंड गोरी सरोवर और रावतपुरा धाम आलमपुर की छतरी देखते हुए सीधे झांसी ओरछा के लिए निकल जाएंगे। इसके अलावा एडवेंचर से भरपूर प्राकृतिक वादियों के बीच यह अपने प्रकार का भारत का सबसे सुंदर साहसिक दौड़ के लिए ट्रैक होगा। भविष्य में क्रॉस कंट्री और मैराथन के लिए प्राकृतिक वातावरण युक्त सबसे युक्तियुक्त स्थान बन सकता है जहां रेत के सुंदर मनोरम हरी भरी घास के मैदान मिट्टी के दुर्गम रास्ते सरसों के खेत और ऐतिहासिक भदावरी किला सभी का समावेश लिए यह दौड़ अपने आप में अनोखी होगी।