मेजर ध्यानचंद और उनसे जुड़ी यादें और बातें

मेजर ध्यानचंद और उनसे जुड़ी यादें और बातें-7 अगस्त 2020-आज के दिन 7 अगस्त 1936 को बर्लिन ओलंपि क़ हॉकी के मुकाबले में भारत का मुकाबला दुनिया की महाशक्ती अमेरिका के खिलाफ हुआ था। यह मैच शाम 4:30 बजे हॉकी स्टेडियम में खेला गया था ।उस समय बर्लिन का अधिकतम तापमान21 डिग्री सेल्सियस था मौसम सुखा हुआ था और हवा शांत थी । इस मैच के अंपायर आर मार्सिली बेल्जियम और डॉक्टर आर रोहरीग जर्मनी से थे। भारतीय हॉकी टीम जो अमेरिका के खिलाफ मैच में उतरी थी उसमें कप्तान ध्यान चंद, रूप सिंह, मोहम्मद जफर, अहमद शेरखान, गुरु चरण सिंह, फिलिप्स, गुड सर कुलियन, गलबर्डी, एम्मिट शामिल थे। वही अमेरिका की टीम में फ्रेंट्रेस, गॉडफ्रे, ओवेरियन, ट्रेनबुल, डिसटन, जेंटल,बुक, थॉम्सन,शेअफर,बुडिगटन,मैकमुल्लिन शामिल थे। भारत ने मैच के 28 वे मिनट में पहला गोल किया और उसके 5 मिनट बाद भारत ने दूसरा व तीसरा गोल कर दिया था। मध्यांतर तक भारत 3-0 से आगे था ।मध्यांतर के बाद भारत ने चार और गोल किए भारत ने इस मैच में सात के मुकाबले 0 गोलों से जीत हासिल करते हुए अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए अपने विजय अभियान को जारी रखा। शाम को जर्मनी में ब्रिटेन के राजदूत सर एरिक फिप्स ने भारतीय हॉकी टीम को आमंत्रित किया। बर्लिन ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के साथ मैनेजर जगन्नाथ राव पंकज गुप्ता साथ गए हुए थे। इन ओलंपिक हॉकी मुकाबलों में भारत को ग्रुप ए में रखा गया था जिसमें भारत के साथ जापान हंगरी और अमेरिका को शामिल किया गया था ।भारत ने अपने पहले मैच में हंगरी को 4-0 से और दूसरे मैच में अमेरिका को 7-0 परास्त किया था जिसके कारण वह अपने ग्रुप में अंक तालिका में सबसे ऊपर लीड कर रही थी। भारतीय हॉकी टीम का अगला मुकाबला 10 अगस्त को जापान के साथ होगा। बर्लिन ओलंपिक विलेज में जहां भारतीयों की टीम को रोका गया था कॉटेज का नंबर 113 था और उसका नाम एलबिंग था जो जर्मनी के एक शहर के नाम पर रखा गया था जहां से भारत को रेलवे के इंजन बड़ी मात्रा में सप्लाई किए जाते थे। एक कॉटेज में 22 बिस्तर होते थे और उस समय हॉकी टीम 22 सदस्यों की हुआ करती थी । यह सभी यादें हैं जो मेजर ध्यानचंद उनके खेल जीवन उनके ओलंपिक कैरियर और देश से जुड़ी हुई हैं। आप सभी से भी अनुरोध हैं कि यदि मेजर ध्यानचंद से संबंधित कोई संस्मरण और यादें हैं तो उन्हें देश के सामने लाने की कृपा करें ताकि युवा पीढ़ी उन सब बातों से प्रेरणा ले सकें।

आप सभी का-बबलू दुबे