भारत में ‘हिन्दी–दिवस’ राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया जाए तभी इस पर्व की महत्ता रहेगी– ले. शिखा सक्सेना ( प्राचार्या )

महज़ 14 सितंबर को ही ‘हिन्दी–दिवस’ मनाने से काम नहीं चलने वाला। हिन्दी हमारी पहचान है, यह हमारे देश की पहचान पूरी दुनिया में कराती है इसलिए यह पर्व राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया जाना चाहिए तभी इस पर्व की महत्ता रहेगी।

यह बात ‘हिन्दी–दिवस’ पर आदित्य बिरला सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सभागृह में आयोजित समारोह में प्राचार्या ‘लेफ्टिनेंट शिखा सक्सेना’ ने उपस्थित विद्यार्थियों के समक्ष कही।

उक्त जानकारी देते हुए विद्यालय के खेल–प्रशिक्षक ‘श्री हरीश पुरोहित’ ने बताया कि कार्यक्रम में आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल की उप प्राचार्या ‘श्रीमती ऐश्वर्या सिन्हा’ तथा ग्रेसिम कार्मिक विभाग के ‘डॉ. सुरेंद्र मीणा’ ने भी हिन्दी विषय पर अपने सारगर्भित विचार रखते हुए आह्वान किया कि हिन्दी के सम्मान में रात्रि में दीपशिखाएँ घर–घर प्रज्ज्वलित होनी चाहिए।

कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थी आराध्य जैन, आराध्य भंडारी, अक्षिता राजावत, कवीश शुक्ला, दिशा पोरवाल, चाहत जैन, प्रियंका राठौर और अजय सिंह शेखावत ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्वागत गीत संगीत शिक्षक ‘श्री माधव तिवारी’ ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ हिन्दी शिक्षक ‘श्री राकेश कुमार मिश्र’ तथा छात्रा ‘कु. प्रियांशी कनोजिया’ ने किया।