एमवीएम खेल मैदान को बचाने की गुहार : खेल प्रतिभाएं अब जाएंगी कहां एमवीएम एलुमिनी ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की

मध्यप्रदेश और भोपाल के सर्वाधिक चर्चित रहे शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय को कभी आदर्श महाविद्यालय का दर्जा था। आज उससे खेल मैदान की जमीन को मेट्रो स्टेशन के लिए उपयोग में लेने के निर्णय की मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, पूर्व छात्र संगठन एमवीएम एलुमिनी ने निंदा की है। एमवीएम एलुमिनी के उपाध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव ने कहा है कि भोपाल के 13 बड़े कॉलेजों में से एकमात्र एमवीएम के पास ही इतना बड़ा खेल मैदान है, जहां से खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची हैं। अनेक टूर्नामेंट और खेल प्रतियोगिताएं इस मैदान पर वर्षों से होती आई हैं। वर्तमान में भी इस मैदान पर अंतर महाविद्यालय व अंतर शालेय खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

एक जमाने में इस महाविद्यालय व शहर की आन, बान और शान थी और खेल मैदान के कारण उसकी विशिष्ट पहचान बनी हुई थी। धीरे-धीरे इसकी जमीन को 21 एकड़से कम करते हुए 13 एकड़ में सिमटा दिया गया और अब मेट्रो स्टेशन बनाने की तैयारी खेल मैदान पर की जा रही है ! जबकि भोपाल में मेट्रो की क्या स्थिति है, इससे न सिर्फ जनता बल्कि जनप्रतिनिधि भी वाकिफ हैं।
एमवीएम कॉलेज के एल्यूमिनी के उपाध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव के अनुसार पहले भी खेल मैदान की यह जमीन दूसरे कामों के लिए आवंटित की जा चुकी है। यहाँ न सिर्फ मेले लगते हैं बल्कि अन्य आयोजन भी होते हैं। कभी पार्किंग के लिए इस मैदान का उपयोग किया जाता है तो कभी अन्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए खेल मैदान का उपयोग हो रहा है द्य कॉलेज खेल विभाग, छात्रों और खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास का एकमात्र यही स्थान बचा था, जिसके विभिन्न कारणों से उपयोग होने के कारण मैदान की स्थिति जर्जर होती जा रही है। एमवीएम एलुमिनी ने कभी उच्च शिक्षा मंत्री रहे, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए खेल मैदान को जस की तस बनाये रखने की अपील की है।
यदि यहां मेट्रो स्टेशन बनता है, तो निश्चित रूप से यहां नियमित वाहनों की पार्किंग होगी और खेल खिलाडियों को प्रैक्टिस और अन्य गतिविधियों का मौका नहीं मिल सकेगा।



