रिजल्ट की चिंता परफॉर्मेंस को खराब करती है -श्री मनोज श्रीवास्तव

विद्यार्थी पढ़ाई के साथ भारतीय संस्कृति और परंपरा को न भूले
कायस्थम प्रतिभा सम्मान समारोह में 10 वीं, 12वीं के 90% से अधिक प्राप्तांक वाले चित्रांश विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
कायस्थ समाज की अग्रणी संस्था कायस्थम मध्यप्रदेश द्वारा आज दुष्यंत संग्रहालय में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में 10वीं और 12वीं के 50 विद्यार्थियों को कायस्थम प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें 12वीं बोर्ड के 15 विद्यार्थी और 10 वीं बोर्ड के के 35 विद्यार्थी शामिल थे। जिन्होंने इसी साल की बोर्ड परीक्षा में 90% से अधिक अंक लेकर सफलता का परचम लहराया है। समारोह के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव और अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक और विचारक श्री महेश श्रीवास्तव ने चित्रांश विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह ,प्रमाण पत्र, भेंट कर उन्हें सम्मानित किया । जो विद्यार्थी आयोजन में पहुंच नहीं सके ,उनके अभिभावकों को यह सम्मान प्रदान किया गया । नौ विद्यार्थियों को समाज के प्रमुख लोगों ने अपने परिजनों की स्मृति में प्रोत्साहन राशि, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों से सम्मानित करवाया । जम्मू से 12वीं बोर्ड की परीक्षा 98.2 प्रतिशत से उत्तीर्ण हुई एक छात्रा कु. आराध्या खरे भी भोपाल आई और उन्होंने यह सम्मान ग्रहण किया।
समारोह को संबोधित करते हुए श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल रिजल्ट पर ही नहीं परफॉर्मेंस पर भी फोकस करना चाहिए,क्योंकि रिजल्ट की चिंता परफॉर्मेंस को खराब करती है ।
जब तक आप प्रोसेस पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक आप जीवन में सफल नहीं हो सकते। इसकी सीख हमें क्रिकेटर विराट कोहली और वैभव सूर्यवंशी से लेनी चाहिए, जो खेलते समय केवल प्रोसेस पर ध्यान देते हैं और यह भी चिंता नहीं करते कि उनका शतक पूरा हो पाएगा अथवा नहीं । श्री मनोज श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही फोकस करें। उन्होंने बताया कि सिस्टम और तैयारी के साथ यदि पढ़ाई की जाए तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं । उन्होंने विद्यार्थियों से अपना पूरा ध्यान केवल अध्ययन और ज्वलंत विषयों पर ही केंद्रित करने को कहा। श्री श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि उन्हें एक सर्वे से पता चला है कि ऐसे भी बच्चे हैं, जो मात्र 1 घंटे पढ़ाई और 99% समय सोशल मीडिया, रील बनाने और व्यर्थ कार्यों में व्यतीत करते हैं,जो अच्छी बात नहीं है। बच्चों को अपना पूरा ध्यान केवल पढ़ाई पर ही रखना चाहिए। उन्होंने सम्मान ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वे अपना करियर बनाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें । भगवान श्री चित्रगुप्त जी से प्रेरणा लेकर सदकार्यों के जरिए अपने जीवन को सार्थक बनाएं। श्री चित्रगुप्त जी की नित्य आराधना करें और बेहतर नागरिक बनने की कोशिश करें। श्री मनोज श्रीवास्तव ने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं भी दी।

श्री महेश श्रीवास्तव ने कहा की सफलता केवल बच्चों की ही नहीं बल्कि उसके पीछे उनके माता-पिता का खून और पसीना भी होता है। जीवन भर माता-पिता की सेवा करते रहे तो स्वयं के जीवन को सफल बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपरा को न भूले। वे दिव्य धर्म और सनातन संस्कृति के संवाहक बने। भारतीय संस्कृति और माता-पिता पर हमेशा गर्व करें। श्री महेश श्रीवास्तव ने कहा कि जीवन के लक्ष्य को हासिल करना हो तो उद्देश्य भी सही होना चाहिए। जीवन में कभी निराश नहीं हो, यदि सच्चे मन और लगन से मेहनत की जाए तो उसके बेहतर परिणाम भी सामने आते हैं। कार्यक्रम में करियर काउंसलर श्री अभिषेक खरे और ब्लू नोवा टेक्नोलॉजी के श्री निखिल श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को प्रेरक उदबोधन दिया। श्री मनोज श्रीवास्तव एवं श्री महेश श्रीवास्तव और अन्य अतिथियों ने भगवान श्री चित्रगुप्त के छायाचित्र और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। श्रीमती रत्ना खरे और श्रीमती कविता सक्सेना द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

प्रारम्भ में कायस्थम के अध्यक्ष श्री प्रलय श्रीवास्तव ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि 90% से अधिक अंक हासिल करने वाले और भी विद्यार्थी हैं ,जिनकी जानकारी संस्था को निरन्तर प्राप्त हो रही है। कायस्थम का यह पहला कार्यक्रम था। अब हर साल इसे बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। प्रलय श्रीवास्तव ने बताया कि कायस्थम द्वारा बुक बैंक की स्थापना, निर्धन कायस्थ परिवार की बेटी का विवाह, करियर काउंसलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रिमझिम गिरे सावन कार्यक्रम भी निकट भविष्य में आयोजित किए जाएंगे। कायस्थम की ओर से विशेष आमंत्रित सदस्य श्री विष्णु कांत सहाय ने श्री मनोज श्रीवास्तव, श्री राजेश खरे ने श्री महेश श्रीवास्तव ,श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने निखिल श्रीवास्तव और उमंग खरे ने अभिषेक खरे का स्वागत किया। कायस्थम ने चित्रांश विद्यार्थियों का स्वागत बुके के स्थान पर कलम भेंट कर किया ।
सम्मान समारोह में भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर, छतरपुर, दमोह, विदिशा, गंजबासौदा, आदि शहरों से भी अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे थे। अंत में आभार कोषाध्यक्ष श्री मुकुल अस्थाना ने किया। इस अवसर पर कायस्थम के उपाध्यक्ष सर्वश्री आरपी श्रीवास्तव एवं सुरेश श्रीवास्तव, महासचिव रश्मि सक्सेना, सचिव आलोक श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव अजय भटनागर सहित कायस्थम के कार्यकारिणी सदस्य और अन्य सदस्य तथा चित्रांश बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
दिवंगतों के स्मृति में प्रोत्साहन राशि
कायस्थम मध्य प्रदेश के इस आयोजन में कायस्थ समाज के कुछ प्रमुख लोगों ने अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में सर्वाधिक प्राप्तांक वाले नौ विद्यार्थियों को अपनी तरफ से स्मृति चिन्ह के अलावा प्रोत्साहन राशि प्रदान की। बैंक से सेवानिवृत एजीएम श्री राकेश खरे ने अपने पिता स्व. श्री हरिशंकर श्रीवास्तव की स्मृति में 10 वीं में सर्वाधिक प्राप्तांक वाली कान्वेंट स्कूल ईदगाह भोपाल की दिया सक्सेना (99.2%)और प्रेजेटेशन कॉन्वेंट स्कूल जम्मू की 12 वीं की आराध्या खरे (98%)को स्व. डॉ. जे. एन. खरे की स्मृति में क्रमशः 3100-3100 रुपये, सहकारिता विभाग के ऑडिट ऑफिसर तुमुल सिन्हा ने अपने पिता स्व.श्री शिवप्रकाश सिन्हा की स्मृति में 12 वीं में द्वितीय सर्वाधिक 97 % प्राप्तांक वाली अदिति श्रीवास्तव और 10 वीं में द्वितीय सर्वाधिक 99% प्राप्तांक वाले छात्र आकाँश सक्सेना तथा विज्ञान एवँ प्रौद्योगिकी के पूर्व वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजेश सक्सेना ने अपनी माँ स्व. सुषमा देवी सक्सेना की स्मृति में दसवीं की कु. अनिका सक्सेना (99%)को 2500-2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भेंट की । इसी प्रकार राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र इंदौर के वैज्ञानिक अधिकारी भूपेंद्र भूषण श्रीवास्तव की ओर से उनकी मां स्व. श्रीमती दुर्गावती श्रीवास्तव की याद में 10 वीं में तृतीय सर्वाधिक 96.4% प्राप्तांक वाली छात्रा कु. नम्रता सक्सेना एवं कु. एशिता श्रीवास्तव को तथा 12 वीं में तृतीय सर्वाधिक 98.2% प्राप्तांक वाली कु. दिवा श्रीवास्तव और अनुवंश सक्सेना को 1100-1100 रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया। श्री पराग श्रीवास्तव ने अपने पिता स्व.श्री राम कृपाल श्रीवास्तव की स्मृति में 10वीं और 12वीं में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाली छात्राओं को ₹2500-2500 की प्रोत्साहन राशि अतिथियों से भेंट करवाई । उक्त प्रोत्साहन राशि और स्मृति चिन्ह कायस्थम के प्रतिभा सम्मान , स्मृति चिन्ह,प्रमाण पत्र के अलावा दी गई ।



